|| ज्ञान का महासागर ||

राजा परीक्षित के जीवन, कलियुग के आगमन और भागवत कथा के आरंभ का वर्णन है।

प्रथम स्कंध में पांडवों की कथा, राजा परीक्षित का जन्म और कलियुग के प्रभाव का वर्णन है। नैमिषारण्य में ऋषियों के प्रश्नों से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ होता है।

प्रथम स्कंध
भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (24) : राजा परीक्षित का वैराग्य और गंगा तट पर उनका अंतिम संकल्प

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (24) : राजा परीक्षित का वैराग्य और गंगा तट पर उनका अंतिम संकल्प

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध के इस लेख में पढ़िए राजा परीक्षित को तक्षक सर्प के शाप के बाद वैराग्य कैसे हुआ। उन्होंने राजपाट त्यागकर गंगा तट पर आमरण अनशन किया।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (23) : कलयुग का प्रभाव और राजा परीक्षित् की भूल - परीक्षित् को श्रृंगी ऋषि का शाप

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (23) : कलयुग का प्रभाव और राजा परीक्षित् की भूल - परीक्षित् को श्रृंगी ऋषि का शाप

भागवत पुराण प्रथम स्कंध के इस लेख में राजा परीक्षित् की भूल, कलयुग का प्रभाव, शमीक ऋषि का आश्रम, श्रृंगी ऋषि का क्रोध और परीक्षित् को तक्षक सर्प द्वारा डसने का का शाप मिलने का प्रसंग है।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (22) : महाराज परीक्षित् द्वारा कलियुग का दमन, इन 5 स्थानों में है कलि का वास

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (22) : महाराज परीक्षित् द्वारा कलियुग का दमन, इन 5 स्थानों में है कलि का वास

भागवत पुराण प्रथम स्कंध के इस लेख में महाराज परीक्षित् द्वारा कलियुग का दमन, धर्म और पृथ्वी की रक्षा, तथा कलियुग के जुआ, मद्यपान, स्त्री-संग, हिंसा और सुवर्ण में वास का वर्णन है।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (21) : परीक्षित् की दिग्विजय तथा धर्म और पृथ्वी का संवाद

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (21) : परीक्षित् की दिग्विजय तथा धर्म और पृथ्वी का संवाद

भागवत पुराण प्रथम स्कंध के इस लेख में राजा परीक्षित् की दिग्विजय, धर्म और पृथ्वी के संवाद, कलियुग के प्रभाव, भगवान श्रीकृष्ण के लीला-समापन और पृथ्वी के शोक का वर्णन है।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (20) : कलियुग का आरम्भ और धर्मराज युधिष्ठिर का महाप्रस्थान

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (20) : कलियुग का आरम्भ और धर्मराज युधिष्ठिर का महाप्रस्थान

भागवत पुराण प्रथम स्कंध के इस लेख में भगवान श्रीकृष्ण के स्वधाम गमन, कलियुग के आरम्भ, युधिष्ठिर के महाप्रस्थान, परीक्षित के राज्याभिषेक और पाण्डवों की परम गति का वर्णन है।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (19) : श्रीकृष्ण के वियोग में अर्जुन की व्यथा और यदुवंश के विनाश की कथा

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (19) : श्रीकृष्ण के वियोग में अर्जुन की व्यथा और यदुवंश के विनाश की कथा

भागवत कथा में अर्जुन श्रीकृष्ण के वियोग की अपनी पीड़ा बताते हैं। जानिए यदुवंश के विनाश, श्रीकृष्ण की कृपा से मिले पराक्रम और अर्जुन को पुनः प्राप्त हुए गीता ज्ञान की कथा।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (18) - युधिष्ठिर ने अर्जुन से द्वारका का हाल क्यों पूछा? श्रीकृष्ण को लेकर जताई बड़ी आशंका

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (18) - युधिष्ठिर ने अर्जुन से द्वारका का हाल क्यों पूछा? श्रीकृष्ण को लेकर जताई बड़ी आशंका

युधिष्ठिर ने अर्जुन की व्यथित अवस्था देखकर द्वारका, यादवों और भगवान श्रीकृष्ण का कुशल समाचार पूछा। अंत में उन्हें अर्जुन की पीड़ा का कारण श्रीकृष्ण से वियोग होने की आशंका हुई।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (17) - युधिष्ठिर को क्यों दिखाई देने लगे भयंकर अपशकुन? अर्जुन की द्वारका से वापसी का प्रसंग

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (17) - युधिष्ठिर को क्यों दिखाई देने लगे भयंकर अपशकुन? अर्जुन की द्वारका से वापसी का प्रसंग

युधिष्ठिर को अर्जुन की सात महीने की प्रतीक्षा के दौरान भयंकर अपशकुन दिखाई दिए। प्रकृति में बदलाव, कलियुग के संकेत और अर्जुन की व्यथित अवस्था ने उनकी चिंता बढ़ा दी।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (16) - विदुर के उपदेश से धृतराष्ट्र का वैराग्य और गान्धारी का वनगमन

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (16) - विदुर के उपदेश से धृतराष्ट्र का वैराग्य और गान्धारी का वनगमन

विदुरजी ने धृतराष्ट्र को जीवन की नश्वरता और काल की शक्ति का बोध कराया। उनके उपदेश से धृतराष्ट्र ने मोह त्यागकर वन का मार्ग अपनाया और गान्धारी भी साथ चली गईं।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (15) - राजा परीक्षित के जन्म की कथा: गर्भ में किस दिव्य पुरुष ने बचाया और क्यों पड़ा ‘विष्णुरात’ नाम?

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (15) - राजा परीक्षित के जन्म की कथा: गर्भ में किस दिव्य पुरुष ने बचाया और क्यों पड़ा ‘विष्णुरात’ नाम?

राजा परीक्षित के जन्म से पहले गर्भ में भगवान के दर्शन, ब्रह्मास्त्र से रक्षा, विष्णुरात नाम और उनके भविष्य की महान भविष्यवाणी से जुड़ी पूरी कथा जानिए।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (14) - श्रीकृष्ण का द्वारका प्रवेश : प्रजा ने कैसे किया स्वागत और प्रियजनों से कैसे हुआ दिव्य मिलन?

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (14) - श्रीकृष्ण का द्वारका प्रवेश : प्रजा ने कैसे किया स्वागत और प्रियजनों से कैसे हुआ दिव्य मिलन?

भगवान श्रीकृष्ण के द्वारका पहुंचने पर प्रजा ने भव्य स्वागत किया। जानिए द्वारका की सजावट, कृष्ण के प्रियजनों से मिलन और उनके दिव्य स्वरूप का सुंदर वर्णन।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (13) - श्रीकृष्ण ने छोड़ा हस्तिनापुर : पाण्डवों का विरह और द्वारका यात्रा

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (13) - श्रीकृष्ण ने छोड़ा हस्तिनापुर : पाण्डवों का विरह और द्वारका यात्रा

महाभारत युद्ध के बाद श्रीकृष्ण कई महीनों तक हस्तिनापुर में रहे। फिर द्वारका लौटते समय पाण्डवों और हस्तिनापुरवासियों का विरह, विदाई और भगवान की यात्रा का प्रसंग सामने आता है।