

भगवद गीता का ज्ञानजीवन बदलने की पहचान
श्रीकृष्ण के उपदेश, जो हर परिस्थिति में सही मार्ग दिखाते हैं।
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कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन । मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि ॥
भगवद गीता 2.47
अर्थ:
तुम्हें केवल कर्म करने का अधिकार है, उसके फलों पर नहीं। कर्म के फल को लेकर मत बनो और कर्म न करने में भी आसक्ति मत रखो।
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