
वाल्मीकि रामायण
श्री राम का मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप
रामायण से जीवन में धर्म, मर्यादा और त्याग की सीख — आदर्श पुत्र, पति और राजा।
डॉ. प्रिया शर्मा · 7 मिनट पढ़ें

श्रीकृष्ण के उपदेश, जो हर परिस्थिति में सही मार्ग दिखाते हैं।
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वाल्मीकि रामायण
रामायण से जीवन में धर्म, मर्यादा और त्याग की सीख — आदर्श पुत्र, पति और राजा।
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भगवद्गीता
अर्जुन के शोक से स्थितप्रज्ञ तक — द्वितीय अध्याय की प्रमुख शिक्षाएँ संक्षेप में।
डॉ. प्रिया शर्मा · 7 मिनट पढ़ें

भगवद्गीता
गीता के तीसरे अध्याय से — फल की चिंता छोड़कर कर्म करने का उपदेश, दैनिक जीवन में अभ्यास और शांति का मार्ग।
डॉ. प्रिया शर्मा · 8 मिनट पढ़ें

भगवद्गीता
जिसकी बुद्धि स्थिर है, वह सुख-दुख में कैसे सम रहता है — गीता का व्यावहारिक उपदेश।
डॉ. प्रिया शर्मा · 6 मिनट पढ़ें
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन । मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि ॥
भगवद गीता 2.47
अर्थ:
तुम्हें केवल कर्म करने का अधिकार है, उसके फलों पर नहीं। कर्म के फल को लेकर मत बनो और कर्म न करने में भी आसक्ति मत रखो।
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7 जून 2026

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3 जून 2026

2 जून 2026
हरे कृष्ण कृष्ण
भक्ति भजन
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