ध्यान और आत्म-साक्षात्कार का मार्ग
डॉ. प्रिया शर्मा3 जून 20265 मिनट पढ़ें
आध्यात्मिक अभ्यास से मन की शांति — सरल ध्यान विधि और आत्म-ज्ञान का मार्ग।

आध्यात्म का मूल है — 'अपने भीतर जाना'। ध्यान वह मौन है जिसमें मन शान्त होकर आत्म-साक्षात्कार की ओर बढ़ता है।
ध्यान क्यों आवश्यक है?
बाहरी शोर में मन बिखरा रहता है। नियमित ध्यान से चित्त एकाग्र होता है, भ्रम कम होते हैं, और आत्म-ज्ञान की संभावना खुलती है।
सरल अभ्यास
प्रातःकाल श्वास पर ध्यान, मन्त्र जप, या शांत बैठक — किसी भी रूप से प्रतिदिन बीस मिनट का अभ्यास शुरू करें। धीरे-धीरे समय बढ़ाएँ।
फल
ध्यान से शान्ति, सहनशीलता और स्पष्टता आती है। यह किसी एक धर्म तक सीमित नहीं — यह मानव मन की सार्वभौमिक साधना है।
