

वृंदावन भजन
आज बृज में
बृज की लीलाओं का वर्णन — आज के दिन की भक्ति भावना।
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भजन
आज बृज में आनंद छाया, श्याम ने फिर रास रचाया।
गोप-गोपियाँ मंगल गावें, राधा संग सब नृत्य सजावें। मुरली की मधुर तान सुनाकर, श्याम सभी का मन हर लेता।
आज बृज में आनंद छाया, श्याम ने फिर रास रचाया।
फूलों से सजा है आंगन, गूंज रहा हरि नाम का गायन। प्रेम सुधा बरसती चारों ओर, खुल गए भक्ति के सब द्वार।
आज बृज में आनंद छाया, श्याम ने फिर रास रचाया।
भावार्थ
भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का स्मरण जीवन में आनंद, प्रेम और भक्ति का संचार करता है।


