|| ज्ञान का महासागर ||

राजा परीक्षित के जीवन, कलियुग के आगमन और भागवत कथा के आरंभ का वर्णन है।

प्रथम स्कंध में पांडवों की कथा, राजा परीक्षित का जन्म और कलियुग के प्रभाव का वर्णन है। नैमिषारण्य में ऋषियों के प्रश्नों से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ होता है।

प्रथम स्कंध
भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (12) - भीष्म पितामह का उपदेश और श्रीकृष्ण स्मरण में प्राण त्याग

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (12) - भीष्म पितामह का उपदेश और श्रीकृष्ण स्मरण में प्राण त्याग

भीष्म पितामह ने शरशय्या पर युधिष्ठिर को धर्म, राजधर्म, मोक्षधर्म और भगवद्धर्म का उपदेश दिया। उत्तरायण में श्रीकृष्ण का स्मरण करते हुए उन्होंने प्राण त्यागकर परम गति प्राप्त की।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (11) - गर्भ में परीक्षित की रक्षा, कुन्ती की स्तुति और युधिष्ठिर का शोक

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (11) - गर्भ में परीक्षित की रक्षा, कुन्ती की स्तुति और युधिष्ठिर का शोक

महाभारत युद्ध के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने उत्तरा के गर्भ में परीक्षित की रक्षा की। कुन्ती ने भगवान की स्तुति की और युधिष्ठिर स्वजनों के वध से शोकाकुल हुए।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (10) - द्रौपदी की करुणा ने कैसे बचाई अश्वत्थामा की जान? मार्मिक प्रसंग

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (10) - द्रौपदी की करुणा ने कैसे बचाई अश्वत्थामा की जान? मार्मिक प्रसंग

भागवत पुराण के इस मार्मिक प्रसंग में अश्वत्थामा द्वारा द्रौपदी के पुत्रों की हत्या, अर्जुन की प्रतिज्ञा और द्रौपदी की करुणा से उसके प्राण बचने की कथा का वर्णन है।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (9) - भागवत पुराण के अनुसार ईश्वर के बीस अवतारों की संख्या कौन कौन सी है?

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (9) - भागवत पुराण के अनुसार ईश्वर के बीस अवतारों की संख्या कौन कौन सी है?

भागवत पुराण में भगवान के विभिन्न अवतारों का वर्णन मिलता है। जानिए सनकादि कुमार, वराह, नारद, कपिल, नरसिंह, राम, कृष्ण और कल्कि सहित बीस प्रमुख अवतारों की कथा।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (8) - भागवत कथा के श्रोता: उत्तम और अधम श्रोताओं के स्वरूप का आध्यात्मिक विवेचन

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (8) - भागवत कथा के श्रोता: उत्तम और अधम श्रोताओं के स्वरूप का आध्यात्मिक विवेचन

भागवत कथा के श्रोताओं को उत्तम और अधम दो वर्गों में बांटा गया है। जानिए चातक, हंस, शुक, मीन, वृक, भूरुण्ड, वृष और उष्ट्र श्रोताओं का स्वरूप।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (7) - श्रीकृष्ण की सोलह हजार रानियों को जब यमुना जी ने दिया आत्मज्ञान : 'राधा कृष्ण की आत्मा'

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (7) - श्रीकृष्ण की सोलह हजार रानियों को जब यमुना जी ने दिया आत्मज्ञान : 'राधा कृष्ण की आत्मा'

श्रीकृष्ण की सोलह हजार रानियों को यमुना जी ने आत्मज्ञान देते हुए राधा-कृष्ण के दिव्य स्वरूप और प्रेम का रहस्य समझाया। जानिए विरह, भक्ति और नित्य मिलन से जुड़ी कथा।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (6) - महर्षि शाण्डिल्य ने परीक्षित और वज्रनाभ को बताया व्रजभूमि का रहस्य ! ‘व्रज’ शब्द का अर्थ क्या है?

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (6) - महर्षि शाण्डिल्य ने परीक्षित और वज्रनाभ को बताया व्रजभूमि का रहस्य ! ‘व्रज’ शब्द का अर्थ क्या है?

महर्षि शाण्डिल्य ने राजा परीक्षित और वज्रनाभ को व्रजभूमि की दिव्यता और ‘व्रज’ शब्द का गहरा अर्थ बताया। जानिए श्रीकृष्ण की नित्य लीलाओं, व्रजधाम और इसके रहस्य से जुड़ी मान्यताएं।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (5) - नारद जी के पिछले जन्म का अद्भुत रहस्य : दासीपुत्र से देवर्षि बनने तक की दिव्य कथा

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (5) - नारद जी के पिछले जन्म का अद्भुत रहस्य : दासीपुत्र से देवर्षि बनने तक की दिव्य कथा

नारद जी अपने पूर्व जन्म में कौन थे? जानिए कैसे एक दासी का पुत्र संतों की सेवा, सत्संग और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से तीनों लोकों के महान देवर्षि नारद बने।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (4) - आत्मदेव, धुन्धुकारी और गोकर्ण की कथा- धुन्धुकारी की मुक्ति कैसे हुई?

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (4) - आत्मदेव, धुन्धुकारी और गोकर्ण की कथा- धुन्धुकारी की मुक्ति कैसे हुई?

आत्मदेव, धुन्धुकारी और गोकर्ण की पौराणिक कथा। जानिए कैसे गोकर्ण द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह श्रवण से धुन्धुकारी को प्रेतयोनि से मुक्ति मिली।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (3)- नारद जी ने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का कल्याण कैसे किया? पढ़े ये रोचक कथा

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (3)- नारद जी ने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का कल्याण कैसे किया? पढ़े ये रोचक कथा

श्रीमद्भागवत कथा से भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का पुनर्जागरण कैसे हुआ? जानिए सनकादि मुनियों द्वारा हरिद्वार के आनंद घाट पर आयोजित ज्ञानयज्ञ की पौराणिक कथा।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (2) - नारदजी ने देखा भक्तिदेवी का दुख : ज्ञान-वैराग्य क्यों हुए वृद्ध? रोचक कथा

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (2) - नारदजी ने देखा भक्तिदेवी का दुख : ज्ञान-वैराग्य क्यों हुए वृद्ध? रोचक कथा

कलियुग में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की स्थिति देखकर नारदजी चिंतित हुए। वृन्दावन में उन्हें भक्तिदेवी मिलीं, जिनके पुत्र ज्ञान-वैराग्य वृद्ध और मूर्छित थे।

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (1) - भागवत महापुराण की रचना आखिर क्यों हुई? नारदजी ने वेदव्यासजी को दिया दिव्य उपदेश

भागवत पुराण

भागवत पुराण, प्रथम स्कंध (1) - भागवत महापुराण की रचना आखिर क्यों हुई? नारदजी ने वेदव्यासजी को दिया दिव्य उपदेश

महाभारत की रचना के बाद भी व्यासजी के मन में शांति नहीं थी। देवर्षि नारद ने उन्हें श्रीकृष्ण के यश और भक्ति का महत्व समझाया, जिससे भागवत रचना का मार्ग प्रशस्त हुआ।