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रूद्र कौन है ? आखिर कैसे हुआ 11 रुद्रों का जन्म ? रुद्रों का रहने का स्थान कहा है ?

ब्रह्मा जी के मानस पुत्रों ने सृष्टि निर्माण में सहयोग से इंकार किया तो उनके क्रोध से रुद्र प्रकट हुए। जानिए रुद्र के जन्म, ग्यारह रुद्रों और शिव के ध्यान की कथा।

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Gyaarah Rudra Katha

ब्रह्मा जी ने जब अपने मन से अपने 4 मानस पुत्रों को जन्म दिया तो उन्होंने सृष्टि निर्माण में उनका सहयोग करने से इंकार कर दिया। सनक, सनातन, सनंदन और सनत्कुमार इन चारों भाइयों को सदैव कुमार बने रहने और अपने ज्ञान का विस्तार करने का आशीर्वाद स्वयं इनके पिता ब्रह्मा जी ने इन्हे दिया। जब ब्रह्मा जी ने अपने मानस पुत्रों के इस व्यवहार को देखा तो उन्हें क्रोध आया। उसी समय उनके मस्तक से एक अग्नि शिखा का जन्म हुआ और उससे एक जीव प्रकट हुआ। उसकी लाल आँखे थी और वो चमक रहा था। उसने ब्रह्मा जी से पूछा कि मेरा नाम क्या है ?

इसी बीच उसकी आंखो से धुआँ निकलने लगा। रक्त और गर्जन का मूल धातु रुद होने के कारण उनका नाम ब्रह्मा जी ने रूद्र रखा। उस समय उनका रूप भयानक था। ब्रह्मा जी के द्वारा विनती की जाने पर उन्होंने अपने रूप को शांत किया और सृष्टि निर्माण में ब्रह्मा जी की मदद करने की बात कही। उस समय ब्रह्मा जी को लगा कि उन्हें अपना एक सहायक मिल गया है। लेकिन ये क्या ! रूद्र ने तो अपने जैसे ही जीव उत्पन्न करने शुरू कर दिए।

इस प्रकार एक एक करके ग्यारह रुद्रों का जन्म हो गया और वो सभी शिव की तरह अमर थे। उन्हें ऐसा करते देख ब्रह्मा जी ने उनको रोका और उनसे कहा कि आप ये क्या कर रहे है? आप इस प्रकार अमर जीवों का जन्म नहीं कर सकते है। क्या आप ऐसे जीवों का निर्माण नहीं कर सकते जो नश्वर हो ? शिव ने कहा कि मैं सिर्फ अमर प्राणियों को ही जन्म दे सकता हूं। अगर आपको नश्वर जीवों का ही निर्माण करना है तो मैं आपकी इस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन सकता। इस प्रकार ग्यारह रुद्रों को पीछे छोड़कर शिव ध्यान में चले गए।

चूंकि अब उन रुद्रों को आवास भी चाहिए था इसलिए ब्रह्मा जी ने उनके रहने के स्थान तय किए। एक को ह्रदय दिया गया। पांच को ज्ञान इंद्री दी गई और शेष पांच को पांच तत्व दे दिए गए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1-ब्रह्मा जी के मस्तक से रुद्र कैसे प्रकट हुए?

जब ब्रह्मा जी के मानस पुत्रों ने सृष्टि निर्माण में सहयोग करने से इंकार किया तो उन्हें क्रोध आया। उसी समय उनके मस्तक से एक अग्निशिखा प्रकट हुई, जिससे रुद्र का जन्म हुआ।

2-रुद्र का नाम रुद्र क्यों रखा गया?

कथा के अनुसार उनकी आंखों से धुआँ निकलने लगा और उनके जन्म से जुड़ी गर्जना तथा रुदन के कारण ब्रह्मा जी ने उनका नाम रुद्र रखा।

3-ग्यारह रुद्रों का जन्म कैसे हुआ?

रुद्र ने अपने समान जीवों की रचना शुरू की और इसी क्रम में ग्यारह रुद्रों का जन्म हुआ। ये सभी शिव के समान अमर बताए गए हैं।

4-ब्रह्मा जी ने रुद्र को अमर जीवों की रचना करने से क्यों रोका?

ब्रह्मा जी सृष्टि में नश्वर जीवों की रचना करना चाहते थे, जबकि रुद्र केवल अमर प्राणियों को ही उत्पन्न कर सकते थे। इसलिए ब्रह्मा जी ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।

5-ग्यारह रुद्रों के रहने के स्थान कहां निर्धारित किए गए?

कथा के अनुसार ब्रह्मा जी ने एक रुद्र को हृदय, पांच को पांच ज्ञानेंद्रियों और शेष पांच को पांच तत्वों में स्थान दिया।

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