शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की नौ दिनों तक पूजा होती है। इन नौ दिनों में हर दिन के लिए एक खास रंग भी रखा जाता है। भक्त पूजा के दौरान उस दिन के रंग के कपड़े पहनते हैं और उसी रंग की चुनरी, फूल या दूसरी पूजा सामग्री भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
साल 2026 में शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होकर 19 अक्टूबर तक चलेगी। 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। नवरात्रि के नौ दिनों के रंग रविवार से शुरू होने वाले क्रम के अनुसार तय हैं।
नवरात्रि के पहले दिन कौन सा रंग पहनें?
11 अक्टूबर 2026 -नारंगी रंग
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है। इस दिन नारंगी रंग पहन सकते हैं। नारंगी रंग उत्साह, ऊर्जा और सकारात्मकता से जुड़ा है। इस दिन नारंगी साड़ी, सूट, कुर्ती, कुर्ता या दुपट्टा पहनकर माता की पूजा कर सकते हैं।
दूसरे दिन कौन सा रंग पहनें?
12 अक्टूबर 2026 -सफेद रंग
दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। इस दिन सफेद रंग पहनने की परंपरा है। सफेद रंग शांति और पवित्रता से जुड़ा है। मां की पूजा में सफेद फूल और सफेद रंग की पूजा सामग्री भी रखी जा सकती है।
तीसरे दिन कौन सा रंग पहनें?
13 अक्टूबर 2026 -लाल रंग
तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। इस दिन लाल रंग पहनना शुभ माना जाता है। लाल रंग शक्ति, उत्साह और भक्ति से जुड़ा है। लाल चुनरी, साड़ी, सूट या दुपट्टा पहनकर माता की पूजा कर सकते हैं।
चौथे दिन कौन सा रंग पहनें?
14 अक्टूबर 2026- रॉयल ब्लू
चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा होती है। इस दिन रॉयल ब्लू रंग रखा गया है। यह रंग समृद्धि, शांति और भव्यता से जुड़ा है। पूजा के दौरान रॉयल ब्लू रंग के कपड़े या दुपट्टे का इस्तेमाल किया जा सकता है।
पांचवें दिन कौन सा रंग पहनें?
15 अक्टूबर 2026-पीला रंग
पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है। इस दिन पीला रंग पहन सकते हैं। पीला रंग खुशी, उत्साह और सकारात्मक सोच से जुड़ा है। माता की पूजा में पीले फूल और पीले रंग की मिठाई का भोग भी रखा जा सकता है।
छठे दिन कौन सा रंग पहनें?
16 अक्टूबर 2026-हरा रंग
छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा होती है। इस दिन हरा रंग रखा गया है। हरा रंग प्रकृति, विकास और नई शुरुआत से जुड़ा है। हरे रंग के कपड़े पहनकर मां कात्यायनी की पूजा कर सकते हैं।
सातवें दिन कौन सा रंग पहनें?
17 अक्टूबर 2026 -ग्रे रंग
सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है। इस दिन ग्रे रंग पहनने की परंपरा है। यह रंग संतुलन और स्थिरता से जुड़ा माना जाता है। ग्रे साड़ी, सूट, कुर्ता या दुपट्टा इस दिन पहना जा सकता है।
आठवें दिन कौन सा रंग पहनें?
18 अक्टूबर 2026 -बैंगनी रंग
आठवें दिन मां महागौरी की पूजा होती है। इस दिन बैंगनी रंग रखा गया है। बैंगनी रंग भव्यता, गरिमा और समृद्धि से जुड़ा है। महाअष्टमी की पूजा में बैंगनी रंग के कपड़े पहनकर माता का पूजन किया जा सकता है।
नौवें दिन कौन सा रंग पहनें?
19 अक्टूबर 2026 -मोरपंखी हरा रंग
नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है। इस दिन मोरपंखी हरा रंग रखा गया है। यह रंग हरे और नीले रंग का सुंदर मेल है।महानवमी की पूजा में मोरपंखी हरे रंग के कपड़े या दुपट्टे का इस्तेमाल कर सकते हैं।
नवरात्रि में हर दिन अलग रंग पहनने की परंपरा
नवरात्रि के नौ दिनों में अलग-अलग रंग पहनने की परंपरा खासतौर पर गुजरात और महाराष्ट्र में काफी लोकप्रिय है। अब दूसरे क्षेत्रों में भी लोग नवरात्रि के रंगों के अनुसार कपड़े पहनना पसंद करते हैं। हर दिन का रंग पहले से तय रहता है, इसलिए लोग पूजा, गरबा, डांडिया या सामान्य दिनचर्या में भी उसी रंग के कपड़े पहनते हैं।
नवरात्रि के रंगों को केवल कपड़ों तक सीमित रखना जरूरी नहीं है। उस रंग का दुपट्टा, चुनरी, फूल या कोई दूसरी चीज भी पूजा में शामिल की जा सकती है।
नवरात्रि 2026 के 9 रंग एक नजर में
11 अक्टूबर — नारंगी
12 अक्टूबर — सफेद
13 अक्टूबर — लाल
14 अक्टूबर — रॉयल ब्लू
15 अक्टूबर — पीला
16 अक्टूबर — हरा
17 अक्टूबर — ग्रे
18 अक्टूबर — बैंगनी
19 अक्टूबर — मोरपंखी हरा
इस तरह नवरात्रि के पहले दिन से लेकर महानवमी तक हर दिन एक अलग रंग रहेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1-नवरात्रि 2026 में पहले दिन कौन सा रंग पहनें?
11 अक्टूबर को नवरात्रि के पहले दिन नारंगी रंग पहनें। इस दिन मां शैलपुत्री की पूजा होगी।
2-नवरात्रि 2026 में लाल रंग किस दिन पहनना है?
13 अक्टूबर को तीसरे दिन लाल रंग पहनना है। इस दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होगी।
3-नवरात्रि के नौवें दिन कौन सा रंग पहनें?
19 अक्टूबर को नौवें दिन मोरपंखी हरा रंग पहनें। इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होगी।
4-नवरात्रि 2026 में महाअष्टमी पर कौन सा रंग है?
18 अक्टूबर को महाअष्टमी के दिन बैंगनी रंग रखा गया है। इस दिन मां महागौरी की पूजा होगी।
5-क्या नवरात्रि के दिन का रंग पहनना जरूरी है?
नवरात्रि के दिन का रंग पहनना जरूरी नहीं है। यह एक लोकप्रिय परंपरा है, जिसे श्रद्धा और अपनी सुविधा के अनुसार अपनाया जा सकता है।









