दीवाली 2026 का मुख्य पर्व 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन शाम के समय माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व रहेगा दीवाली पर लक्ष्मी पूजा के लिए प्रदोष काल और वृषभ काल का समय सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां 8 नवंबर के सभी जरूरी पूजा मुहूर्त और पंचांग से जुड़े प्रमुख समय एक जगह दिए गए हैं।
दीवाली 2026 कब है? अमावस्या तिथि का समय-
दीवाली 2026 में 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी। इस दिन कार्तिक कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि रहेगी।
पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि का समय-
अमावस्या तिथि प्रारंभ: 8 नवंबर, सुबह 11:27 बजे
अमावस्या तिथि समाप्त: 9 नवंबर, दोपहर 12:31 बजे
8 नवंबर की शाम प्रदोष काल के दौरान अमावस्या तिथि रहेगी, इसलिए इसी दिन लक्ष्मी-गणेश पूजा की जाएगी।
दीवाली 2026 लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त कब है?
दीवाली पर लक्ष्मी पूजा के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय शाम का रहेगा। पंचांग के अनुसार-
- लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 5:45 बजे से 7:40 बजे तक
- पूजा मुहूर्त की अवधि: 1 घंटा 56 मिनट
- प्रदोष काल: शाम 5:22 बजे से रात 8:00 बजे तक
- वृषभ काल: शाम 5:45 बजे से 7:40 बजे तक
यही शाम 5:45 से 7:40 बजे तक का समय दीवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा के लिए सबसे प्रमुख मुहूर्त रहेगा।
दीवाली 2026 के प्रमुख समय एक नजर में
- दिन: रविवार, 8 नवंबर 2026
- सूर्योदय: सुबह 6:29 बजे
- सूर्यास्त: शाम 5:22 बजे
- अमावस्या तिथि प्रारंभ: सुबह 11:27 बजे
- अमावस्या तिथि समाप्त: 9 नवंबर, दोपहर 12:31 बजे
- प्रदोष काल: शाम 5:22 से रात 8:00 बजे
- लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 5:45 से 7:40 बजे
- वृषभ काल: शाम 5:45 से 7:40 बजे
दीवाली 2026 की शाम का चौघड़िया-
दीवाली की शाम पूजा की तैयारी और अन्य शुभ कार्यों के लिए चौघड़िया का क्रम भी देखा जा सकता है-
- शुभ: शाम 5:22 से 7:00 बजे
- अमृत: शाम 7:00 से 8:39 बजे
- चर: रात 8:39 से 10:17 बजे
लक्ष्मी पूजा के लिए मुख्य रूप से 5:45 से 7:40 बजे का निर्धारित लक्ष्मी पूजा मुहूर्त प्राथमिक रहेगा।
दीवाली 2026 पर लक्ष्मी पूजा कब और किस क्रम से करें?
सूर्यास्त के बाद घर और पूजा स्थान को दीपों से सजाएं।
पूजा की चौकी पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।
शाम 5:45 से 7:40 बजे के बीच लक्ष्मी-गणेश पूजा करें।
पूजा में दीप, धूप, पुष्प, अक्षत, रोली और मिठाई आदि अर्पित करें।
माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की आरती करें।
घर की सुख-समृद्धि और धन-धान्य की कामना करें।
पूजा के बाद घर के प्रमुख स्थानों और प्रवेश द्वार पर दीपक जलाएं।
इस दिन प्रदोष काल शाम 5:22 से रात 8:00 बजे तक रहेगा, जबकि वृषभ काल और मुख्य लक्ष्मी पूजा मुहूर्त शाम 5:45 से 7:40 बजे तक रहेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
दीवाली 2026 कब मनाई जाएगी?
दीवाली 2026 का मुख्य पर्व 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा।
दीवाली 2026 में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त 8 नवंबर को शाम 5:45 बजे से 7:40 बजे तक रहेगा।
दीवाली 2026 में प्रदोष काल कब रहेगा?
8 नवंबर को प्रदोष काल शाम 5:22 बजे से रात 8:00 बजे तक रहेगा।
दीवाली 2026 में वृषभ काल कब है?
वृषभ काल शाम 5:45 बजे से 7:40 बजे तक रहेगा। यही समय मुख्य लक्ष्मी पूजा मुहूर्त के साथ रहेगा।
दीवाली 2026 में अमावस्या तिथि कब से कब तक है?
अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11:27 बजे शुरू होगी और 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे समाप्त होगी।









