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छठ पूजा 2026 : ठेकुआ क्यों चढ़ाया जाता है? जानें इसका धार्मिक महत्व और आसान विधि

छठ पूजा 2026 में ठेकुआ कब बनाया जाएगा? इसे सूर्यदेव और छठी मैया को क्यों चढ़ाया जाता है? इसका धार्मिक महत्व क्या है और ठेकुआ बनाने की आसान विधि आपको इस लेख में प्राप्त होगी।

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Chhath Puja Thekua Recipe

छठ पूजा के प्रसाद में ठेकुआ का विशेष स्थान है। गेहूं के आटे, गुड़ और घी से तैयार होने वाला यह पारंपरिक प्रसाद संध्या अर्घ्य के दौरान सूप में सजाया जाता है। वर्ष 2026 में छठ पूजा का तीसरा दिन 15 नवंबर, रविवार है। इसी दिन संध्या अर्घ्य दिया जाएगा और ठेकुआ को प्रसाद के रूप में अर्पित किया जाएगा।

छठ पूजा में ठेकुआ कब बनाया जाता है?

छठ पूजा में ठेकुआ मुख्य रूप से कार्तिक शुक्ल षष्ठी यानी 15 नवंबर 2026, रविवार को तैयार किया जाता है। इसी दिन शाम को डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य दिया जाता है। पूजा के लिए तैयार किए जाने वाले सूप और दउरा में ठेकुआ, फल और दूसरे प्रसाद रखे जाते हैं।

कुछ परिवारों में प्रसाद की तैयारी पहले से शुरू हो जाती है, लेकिन ठेकुआ को संध्या अर्घ्य के लिए तैयार करने का मुख्य दिन षष्ठी ही माना जाता है।

ठेकुआ बनाने का शुभ समय-

ठेकुआ बनाने के लिए कोई अलग से निर्धारित शास्त्रीय मुहूर्त नहीं है। इसे 15 नवंबर को दिन के शुभ समय में, संध्या अर्घ्य की तैयारी से पहले बनाया जाता है।

ठेकुआ बनाने के लिए लाभ, अमृत या शुभ चौघड़िया का समय लिया जा सकता है। यदि घर में पंचांग के अनुसार कोई विशेष शुभ समय निर्धारित है तो उसी समय ठेकुआ बनाना बेहतर रहेगा।

मुख्य बात यह है कि प्रसाद तैयार करते समय स्वच्छता और सात्विकता का पूरा ध्यान रखा जाए।

ठेकुआ ही छठ का प्रमुख प्रसाद क्यों है?

छठ पूजा में प्रसाद की पवित्रता और शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है। ठेकुआ घर पर तैयार किया जाने वाला पारंपरिक प्रसाद है, जिसे गेहूं के आटे, गुड़ या चीनी और घी से बनाया जाता है।

ठेकुआ को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है, इसलिए यह छठ के चार दिवसीय पर्व में तैयार होने वाले प्रसाद के लिए भी सुविधाजनक है। इसे फल आदि के साथ सूप या दउरा में सजाकर सूर्यदेव को अर्घ्य देते समय अर्पित किया जाता है।

छठ की परंपरा में घर पर शुद्ध तरीके से तैयार किया गया प्रसाद परिवार और समाज के बीच बांटा भी जाता है। इसी वजह से ठेकुआ केवल एक पकवान नहीं, बल्कि छठ के प्रसाद का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।

ठेकुआ का धार्मिक महत्व क्या है?

ठेकुआ का महत्व छठ की पारंपरिक पूजा-पद्धति से जुड़ा है। इसे श्रद्धा से तैयार करके सूर्यदेव और छठी मैया को अर्पित किया जाता है। संध्या अर्घ्य के समय जब व्रती घाट पर पहुंचते हैं, तब सूप में ठेकुआ, फल और अन्य प्रसाद रखे जाते हैं। इसके बाद अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।

ठेकुआ की खास बात यह भी है कि यह बाजार से खरीदा हुआ सामान्य पकवान नहीं, बल्कि घर में नियम और स्वच्छता के साथ तैयार किया जाने वाला पारंपरिक प्रसाद है। इसकी यही परंपरा छठ पूजा की सादगी और अनुशासन से जुड़ती है।

ठेकुआ बनाने में क्या-क्या सामग्री लगती है?

ठेकुआ बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती। इसकी मुख्य सामग्री हैं—

गेहूं का आटा

गुड़ या चीनी

घी

पानी या जरूरत के अनुसार दूध

तलने के लिए घी या तेल

स्वाद के अनुसार थोड़ी सौंफ भी डाली जा सकती है

गुड़ को पानी में घोलकर आटे में मिलाया जाता है। इसमें घी डालकर आटा गूंथा जाता है। इसके बाद छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें हाथ या पारंपरिक सांचे से दबाकर आकार दिया जाता है।

ठेकुआ बनाने की आसान विधि-

सबसे पहले गुड़ को पानी में अच्छी तरह घोल लें। इसके बाद गेहूं के आटे में घी डालकर उसे अच्छी तरह मिला लें। अब गुड़ के पानी की सहायता से आटा गूंथें। आटा बहुत नरम न रखें।

तैयार आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें ठेकुआ का पारंपरिक आकार दें। कड़ाही में घी या तेल गर्म करें और ठेकुआ को धीमी से मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तलें। अच्छी तरह पकने के बाद इन्हें निकालकर ठंडा करें।

पूरी तरह ठंडा होने के बाद ठेकुआ को पूजा के सूप या दउरा में फल और अन्य प्रसाद के साथ रखा जाता है।

संध्या अर्घ्य में ठेकुआ कैसे चढ़ाएं?

15 नवंबर को संध्या अर्घ्य के लिए तैयार किए गए सूप में ठेकुआ और दूसरे प्रसाद रखे जाते हैं। व्रती घाट पर पहुंचकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देते हैं और पूजा में रखे प्रसाद को अर्पित करते हैं।

अर्घ्य के बाद ठेकुआ को प्रसाद के रूप में परिवार और अन्य श्रद्धालुओं में बांटा जाता है। इस तरह ठेकुआ छठ पूजा की आराधना से लेकर प्रसाद वितरण तक पूरे अनुष्ठान का हिस्सा बनता है।

एक नजर में

ठेकुआ बनाने का प्रमुख दिन: 15 नवंबर 2026, रविवार

तिथि: कार्तिक शुक्ल षष्ठी

मुख्य अवसर: संध्या अर्घ्य

प्रमुख सामग्री: गेहूं का आटा, गुड़ या चीनी, घी

किसे अर्पित किया जाता है: सूर्यदेव और छठी मैया

कहां रखा जाता है: सूप या दउरा में

बाद में: प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

छठ पूजा 2026 में ठेकुआ कब बनाया जाएगा?

छठ पूजा 2026 में ठेकुआ मुख्य रूप से 15 नवंबर, रविवार यानी कार्तिक शुक्ल षष्ठी को बनाया जाएगा।

क्या ठेकुआ बनाने का कोई विशेष मुहूर्त होता है?

ठेकुआ बनाने के लिए अलग से कोई निश्चित शास्त्रीय मुहूर्त नहीं है। 15 नवंबर को दिन के शुभ समय में इसे तैयार किया जा सकता है।

ठेकुआ किसे चढ़ाया जाता है?

छठ पूजा में ठेकुआ को सूर्यदेव और छठी मैया को प्रसाद के रूप में अर्पित किया जाता है।

ठेकुआ बनाने में कौन-कौन सी सामग्री लगती है?

ठेकुआ मुख्य रूप से गेहूं के आटे, गुड़ या चीनी और घी से बनाया जाता है। जरूरत के अनुसार पानी या दूध और सौंफ भी इस्तेमाल की जा सकती है।

क्या ठेकुआ संध्या अर्घ्य में चढ़ाया जाता है?

हां, ठेकुआ को फल और अन्य प्रसाद के साथ सूप या दउरा में रखकर संध्या अर्घ्य के समय पूजा में शामिल किया जाता है।

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