भाई दूज का पर्व भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। इस दिन बहनें भाई के माथे पर तिलक लगाकर उसकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती हैं। साल 2026 में भाई दूज 11 नवंबर, बुधवार को मनाई जाएगी। भाई को तिलक लगाने का शुभ समय दोपहर 1:10 बजे से 3:20 बजे तक रहेगा।
भाई दूज की पूजा थाली में क्या-क्या रखें?
भाई दूज की पूजा थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, सिंदूर, चंदन, दीपक, फूल, फूलों की माला, मिठाई, सुपारी, पान का पत्ता, नारियल, कलावा, चांदी का सिक्का, दूब और फल रखें। पूजा के लिए गंगाजल भी पास में रखें।
थाली में रखी हर सामग्री का अपना धार्मिक महत्व है। रोली और अक्षत से भाई का तिलक किया जाता है, दीपक से आरती होती है और मिठाई से भाई का मुंह मीठा कराया जाता है। नारियल, सुपारी, पान और फूल भी पूजा में अर्पित किए जाते हैं।
भाई दूज पर भाई को तिलक लगाने की सही विधि-
भाई दूज के दिन बहन स्नान करके साफ कपड़े पहनें और पूजा की थाली तैयार करें। इसके बाद पूजा स्थान पर दीपक जलाएं और भगवान गणेश का पूजन करें।
तिलक के लिए भाई को चौकी पर बैठाएं। सबसे पहले भाई की कलाई पर कलावा बांधें। इसके बाद माथे पर रोली या कुमकुम से तिलक लगाएं और तिलक के ऊपर अक्षत लगाएं।
तिलक के बाद भाई को फूल, पान, सुपारी और नारियल दें। फिर मिठाई खिलाएं और उसकी आरती उतारें। अंत में भाई की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करें।
भाई दूज की पूजा में क्या करें?
तिलक और आरती के बाद भाई को बहन के हाथ से बना भोजन कराने की परंपरा है। भाई भी बहन को अपनी सामर्थ्य के अनुसार उपहार देता है। भाई दूज को यम द्वितीया भी कहा जाता है।
इस दिन बहन अपने भाई के लिए सुखी और मंगलमय जीवन की कामना करती है। भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम और स्नेह बढ़ाने वाला यह पर्व दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव का समापन करता है।
भाई दूज की पूजा थाली का धार्मिक महत्व-
भाई दूज की थाली में रखी रोली, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई, नारियल, पान और सुपारी पूजा की प्रमुख सामग्री हैं। तिलक भाई के मंगल और दीर्घायु की कामना के साथ लगाया जाता है, जबकि आरती के बाद मिठाई खिलाकर रिश्ते में प्रेम और मिठास की कामना की जाती है।
इस दिन भाई का बहन के घर जाकर तिलक करवाना और भोजन करना विशेष शुभ माना जाता है। बहन अपने भाई की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करती है और भाई बहन को स्नेह तथा सुरक्षा का भरोसा देता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1-भाई दूज 2026 कब मनाई जाएगी?
भाई दूज 2026 में 11 नवंबर, बुधवार को मनाई जाएगी।
2-भाई दूज 2026 पर तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त क्या है?
भाई को तिलक लगाने का शुभ समय दोपहर 1:10 बजे से 3:20 बजे तक है।
3-भाई दूज की पूजा थाली में क्या-क्या रखना चाहिए?
थाली में रोली, अक्षत, सिंदूर, चंदन, दीपक, फूल, मिठाई, सुपारी, पान, नारियल, कलावा, चांदी का सिक्का, दूब और फल रखें।
4-भाई दूज पर भाई को तिलक कैसे लगाएं?
सबसे पहले भाई को चौकी पर बैठाएं, कलावा बांधें, फिर रोली या कुमकुम से तिलक लगाकर अक्षत लगाएं। इसके बाद मिठाई खिलाकर आरती करें।
5-भाई दूज पर बहन भाई को क्या देती है?
बहन तिलक और आरती के बाद भाई को मिठाई, नारियल और पूजा की सामग्री देती है। भाई अपनी सामर्थ्य के अनुसार बहन को उपहार देता है।









