मीन राशि (Pisces) के लिए गुरु लग्न और कर्म भाव के स्वामी हैं और अब छठे भाव में गोचर करेंगे। छठा भाव नौकरी, सेवा, प्रतियोगिता, कर्ज, रोग और विरोधियों से जुड़ा होता है। इसलिए यह गोचर मीन राशि वालों के लिए मेहनत, प्रतिस्पर्धा और जिम्मेदारियों को बढ़ाने के साथ करियर में आगे बढ़ने के अवसर भी दे सकता है।
गुरु की दृष्टियों का फल-
छठे भाव में स्थित गुरु की पांचवीं दृष्टि दसवें भाव पर पड़ेगी। दसवां भाव कर्म, नौकरी, व्यवसाय, पद और प्रतिष्ठा का होता है। इसलिए मीन राशि (Pisces) वालों के करियर के लिए यह गुरु गोचर महत्वपूर्ण रहेगा। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन इसी के साथ अपनी योग्यता साबित करने और पद से जुड़े बेहतर अवसर हासिल करने का रास्ता भी खुल सकता है। व्यवसाय करने वालों को प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए अधिक मेहनत करनी होगी।
गुरु की सातवीं दृष्टि बारहवें भाव पर होगी। बारहवां भाव खर्च, विदेश, दूर स्थान, एकांत और आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़ा है। इससे विदेश या दूर स्थान से जुड़े काम के अवसर बन सकते हैं, लेकिन खर्चों में वृद्धि भी हो सकती है। नौकरी या व्यवसाय के कारण यात्रा और अतिरिक्त खर्च बढ़ने की स्थिति बन सकती है।
गुरु की नौवीं दृष्टि दूसरे भाव पर पड़ेगी। दूसरा भाव धन, बचत, परिवार और वाणी का है। इस दृष्टि से आर्थिक स्थिति को संभालने, बचत बनाने और परिवार से जुड़े मामलों में सकारात्मकता लाने में मदद मिल सकती है। बातचीत के तरीके में भी समझदारी बढ़ेगी और सही शब्दों का इस्तेमाल लाभ दिला सकता है।
इस गोचर के फायदे-
मीन राशि (Pisces) वालों के लिए यह समय नौकरी और प्रतियोगिता के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। पहले से नौकरी कर रहे लोगों को ऐसी जिम्मेदारी मिल सकती है जिसके जरिए वे अपनी क्षमता साबित कर सकें। प्रतियोगी परीक्षाओं या चयन प्रक्रिया से जुड़े लोगों को लगातार मेहनत का लाभ मिल सकता है।
गुरु के दसवें भाव पर प्रभाव के कारण करियर में आगे बढ़ने के रास्ते खुल सकते हैं। कामकाज में किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन भी उपयोगी रहेगा। विरोधियों या प्रतिस्पर्धियों से मिलने वाली चुनौती का सामना समझदारी से करने की क्षमता बढ़ सकती है। लंबे समय से चल रहे किसी विवाद या कामकाजी समस्या को बातचीत और सही रणनीति से सुलझाने का अवसर मिल सकता है।
दूसरे भाव पर गुरु की दृष्टि धन और परिवार के लिए राहत देने वाली हो सकती है। आय को व्यवस्थित करने, बचत बढ़ाने और परिवार के साथ आर्थिक मामलों में बेहतर तालमेल बनाने का समय मिल सकता है। विदेश या दूर स्थान से जुड़ा काम करने वालों के लिए भी नए अवसर सामने आ सकते हैं।
इस गोचर में सावधानी-
मीन राशि (Pisces) के लिए यह गोचर मिश्रित रहेगा। छठे भाव में गुरु होने के कारण काम का दबाव और जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। किसी प्रतियोगिता या नौकरी से जुड़े मामले में सफलता पाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी होगी। दूसरों से तुलना करने के बजाय अपने काम की गुणवत्ता पर ध्यान देना अधिक फायदेमंद रहेगा।
बारहवें भाव पर गुरु की दृष्टि खर्च बढ़ा सकती है। यात्रा, कामकाज या अन्य जरूरी मामलों पर धन खर्च हो सकता है, इसलिए बिना योजना के खर्च करने से बचना बेहतर रहेगा। कर्ज लेने या किसी आर्थिक जिम्मेदारी को बढ़ाने से पहले उसकी पूरी योजना बना लेना जरूरी होगा।
कुल मिलाकर मीन राशि वालों के लिए यह गुरु गोचर मेहनत के बाद परिणाम देने वाला रहेगा। करियर और नौकरी में अवसर मिल सकते हैं, लेकिन खर्च और काम के दबाव को नियंत्रित रखना जरूरी होगा। गुरु की दसवें और दूसरे भाव पर दृष्टि इस गोचर को पूरी तरह चुनौतीपूर्ण नहीं रहने देती।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
मीन राशि के लिए गुरु का सिंह राशि में गोचर कब होगा?
गुरु 31 अक्टूबर 2026 को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे और 25 जनवरी 2027 तक इस चरण में रहेंगे।
मीन राशि के लिए गुरु किस भाव में गोचर करेंगे?
गुरु मीन राशि से छठे भाव में गोचर करेंगे।
मीन राशि के लिए यह गुरु गोचर कैसा रहेगा?
यह गोचर मिश्रित रहेगा। नौकरी, प्रतियोगिता और करियर में अवसर मिल सकते हैं, लेकिन खर्च और काम के दबाव पर नियंत्रण रखना होगा।
क्या मीन राशि वालों के करियर के लिए गुरु गोचर अच्छा रहेगा?
हां, गुरु की पांचवीं दृष्टि दसवें भाव पर पड़ेगी, जिससे नौकरी, व्यवसाय, जिम्मेदारी और करियर से जुड़े मामलों में प्रगति के अवसर बन सकते हैं।
क्या इस गोचर में मीन राशि वालों का धन बढ़ सकता है?
गुरु की नौवीं दृष्टि दूसरे भाव पर होने से धन, बचत और परिवार से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं, हालांकि खर्च भी बढ़ सकता है।








