
व्रत उत्सव
शारदीय नवरात्रि 2026 : घटस्थापना कब करें? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और सामग्री
शारदीय नवरात्रि 2026 में घटस्थापना 11 अक्टूबर को होगी। जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री, जौ बोने की विधि, कलश पूजन और जरूरी नियम सरल भाषा में।
इस सेक्शन में प्रमुख व्रत, पर्व और उत्सवों का धार्मिक महत्व, पौराणिक कथा, पूजा-विधि, शुभ समय और उनसे जुड़ी मान्यताओं की जानकारी सरल भाषा में मिलेगी।


व्रत उत्सव
शारदीय नवरात्रि 2026 में घटस्थापना 11 अक्टूबर को होगी। जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री, जौ बोने की विधि, कलश पूजन और जरूरी नियम सरल भाषा में।

व्रत उत्सव
शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है। जानें देवी का स्वरूप, रक्तबीज वध की कथा, पूजा विधि, मंत्र, भोग, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व से जुड़ी पूरी जानकारी।

व्रत उत्सव
शारदीय नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा होती है। जानें देवी का स्वरूप, महिषासुर वध की कथा, पूजा विधि, मंत्र, भोग, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व से जुड़ी पूरी जानकारी।

व्रत उत्सव
नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है। जानें देवी का स्वरूप, कार्तिकेय से जुड़ी कथा, पूजा विधि, मंत्र, भोग, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व की पूरी जानकारी यहां।

व्रत उत्सव
नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा होती है। जानें देवी का स्वरूप, पौराणिक कथा, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र, भोग और आराधना से जुड़े धार्मिक महत्व की पूरी जानकारी यहां।

व्रत उत्सव
नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। जानें देवी का स्वरूप, चंद्रघंटा नाम की कथा, पूजा विधि, मंत्र, भोग, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व।

व्रत उत्सव
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। जानें देवी का स्वरूप, भगवान शिव को पाने की तपस्या, पूजा विधि, मंत्र, भोग और धार्मिक महत्व की पूरी जानकारी।

व्रत उत्सव
शारदीय नवरात्रि 2026 के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होगी। जानें 11 अक्टूबर की तारीख, घटस्थापना मुहूर्त, कथा, पूजा विधि, मंत्र, भोग और धार्मिक महत्व।

व्रत उत्सव
दीपावली 2026 में धनतेरस से भाई दूज तक पांच दिनों तक पर्वों की रौनक रहेगी। जानें पांचों त्योहारों की तारीख, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, धार्मिक महत्व, कथा और जरूरी परंपराएं विस्तार से।

व्रत उत्सव
पितृ पक्ष की चतुर्दशी तिथि अकाल मृत्यु वाले पितरों के श्राद्ध के लिए विशेष मानी जाती है। जानें तर्पण, पिंडदान, पंचबलि, ब्राह्मण भोज और जरूरी सावधानियां और यहां जरूरी नियम भी जानें।

व्रत उत्सव
सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर 2026 को है। जानें अमावस्या तिथि, श्राद्ध और तर्पण के मुहूर्त, पिंडदान विधि, पंचबलि, दान-दक्षिणा और इस दिन बरती जाने वाली जरूरी सावधानियां।

व्रत उत्सव
अक्टूबर 2026 में पितृ पक्ष के समापन से लेकर शारदीय नवरात्रि, दशहरा, शरद पूर्णिमा और करवा चौथ तक कई प्रमुख व्रत-त्योहार आएंगे। जानें हर पर्व की तारीख, धार्मिक महत्व और खास बातें।