
ज्योतिष
13 सितंबर को बुध का हस्त नक्षत्र में प्रवेश : इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत
13 सितंबर 2026 को बुध ग्रह हस्त नक्षत्र में प्रवेश करेगा। इस गोचर से पांच राशियों को करियर, धन, व्यापार और सफलता के मामले में विशेष लाभ मिल सकता है।
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31 अगस्त 2026 को सूर्य देव पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। जानिए इस नक्षत्र परिवर्तन का मेष से मीन तक सभी 12 राशियों पर संभावित प्रभाव।
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वैदिक ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है। सूर्य आत्मविश्वास, नेतृत्व, मान-सम्मान, पद और सफलता का कारक माने जाते हैं। जब सूर्य किसी विशेष नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तो उस नक्षत्र के स्वामी से संबंधित गुण भी उनके प्रभाव में शामिल हो जाते हैं।
31 अगस्त 2026 को सूर्य देव पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। इस नक्षत्र के स्वामी शुक्र देव हैं, जिन्हें सुख-सुविधा, प्रेम, सौंदर्य, कला, भौतिक सुख और वैभव का कारक माना जाता है। ऐसे में सूर्य और शुक्र से जुड़ी ऊर्जाओं का यह संयोग अलग-अलग राशियों के जीवन में अलग प्रभाव डाल सकता है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन कैसा रहने वाला है।
पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र को सुख, रचनात्मकता, संबंधों, ऐश्वर्य और मनोरंजन से जोड़कर देखा जाता है। सूर्य का इस नक्षत्र में जाना कुछ लोगों के लिए आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला हो सकता है, जबकि कुछ राशियों को खर्च, स्वास्थ्य या रिश्तों के मामले में सावधानी बरतने की जरूरत पड़ सकती है।
यहां दिए गए राशिफल सामान्य ज्योतिषीय गणना और राशि आधारित प्रभावों पर आधारित हैं। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार परिणाम अलग हो सकते हैं।
1-मेष राशि
सूर्य आपके पंचम भाव में गोचर करेंगे, जिसका संबंध शिक्षा, प्रेम और संतान से माना जाता है। इस दौरान पुराने निवेश से लाभ मिलने या अचानक आर्थिक फायदा होने के योग बन सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा और प्रयासों की सराहना हो सकती है।
उपाय: रोज सुबह तांबे के पात्र से सूर्य देव को जल अर्पित करें।
2-वृषभ राशि
सूर्य आपके चौथे भाव में रहेंगे। इस अवधि में घर-परिवार से जुड़े सुख बढ़ सकते हैं और वाहन या संपत्ति खरीदने का विचार बन सकता है। माता के स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी अतिरिक्त सावधानी रखना बेहतर रहेगा।
उपाय: जरूरतमंद व्यक्ति को लाल वस्त्र या गुड़ का दान करें।
3-मिथुन राशि
सूर्य आपके तीसरे भाव को प्रभावित करेंगे। इससे साहस, आत्मविश्वास और पराक्रम में वृद्धि हो सकती है। व्यापार से संबंधित यात्राएं लाभकारी रहने और नए लोगों से संपर्क बनने के संकेत हैं।
उपाय: रविवार को आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
4-कर्क राशि
सूर्य आपके दूसरे भाव में गोचर करेंगे, जो धन, परिवार और वाणी से संबंधित माना जाता है। आर्थिक पक्ष मजबूत हो सकता है, लेकिन बातचीत के दौरान शब्दों का चयन सोच-समझकर करें। पारिवारिक विवाद से बचना आपके लिए बेहतर रहेगा।
उपाय: ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करें।
5-सिंह राशि
सूर्य आपकी राशि के स्वामी हैं और इस दौरान प्रथम भाव में रहेंगे। इसलिए यह समय आत्मविश्वास, व्यक्तित्व, मान-सम्मान और नेतृत्व क्षमता के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। प्रशासनिक और जिम्मेदारी वाले कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं।
उपाय: पिता या पिता समान व्यक्ति का सम्मान करें और उनका आशीर्वाद लें।
6-कन्या राशि
सूर्य आपके बारहवें भाव में गोचर करेंगे। विदेश से जुड़े काम या विदेशी संपर्कों के माध्यम से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है। दूसरी ओर अनावश्यक खर्च बढ़ने की आशंका है, इसलिए बजट पर ध्यान दें और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।
उपाय: रविवार को लाल गाय को गुड़ और गेहूं खिलाएं।
7-तुला राशि
सूर्य आपके ग्यारहवें भाव में रहेंगे। आय के नए रास्ते खुल सकते हैं और लंबे समय से अटका धन वापस मिलने की संभावना बन सकती है। बड़े भाई-बहनों और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग भी प्राप्त हो सकता है।
उपाय: प्रतिदिन गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करें।
8-वृश्चिक राशि
सूर्य आपके कर्म भाव यानी दसवें भाव में गोचर करेंगे। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी, पदोन्नति या करियर में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। सरकारी कार्यों से जुड़ी परेशानियां भी कम हो सकती हैं।
उपाय: सूर्य मंदिर में तांबे का पात्र या गेहूं दान करें।
9-धनु राशि
सूर्य आपके नवम भाव में प्रवेश करेंगे, जिसे भाग्य, धर्म और लंबी यात्राओं से जोड़ा जाता है। भाग्य का साथ मिलने के साथ धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। दूर की यात्राएं भी आपके लिए लाभदायक साबित हो सकती हैं।
उपाय: नियमित रूप से सुबह सूर्य नमस्कार करें।
10-मकर राशि
सूर्य आपके आठवें भाव में गोचर करेंगे। इस दौरान कार्यक्षेत्र और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में सतर्क रहना जरूरी होगा। वहीं शोध, गूढ़ विषयों या गहन अध्ययन से जुड़े लोगों के लिए समय सकारात्मक रह सकता है।
उपाय: सूर्य देव के बीज मंत्र का नियमित जाप करें।
11-कुंभ राशि
सूर्य आपके सातवें भाव को प्रभावित करेंगे, जिसका संबंध साझेदारी और वैवाहिक जीवन से माना जाता है। व्यापारिक साझेदारी में फायदा मिल सकता है, लेकिन निजी रिश्तों में अहंकार और क्रोध को हावी न होने दें। जीवनसाथी के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखना जरूरी होगा।
उपाय: बहते जल में रोली और लाल फूल अर्पित करें।
12-मीन राशि
सूर्य आपके छठे भाव में रहेंगे। प्रतियोगिता, विरोधियों और विवादों से जुड़े मामलों में आपको मजबूती मिल सकती है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी यह अवधि मेहनत का अच्छा परिणाम देने वाली हो सकती है।
उपाय: रविवार को जरूरतमंदों या गरीब लोगों को भोजन कराएं।
पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश सभी राशियों के लिए अलग-अलग परिणाम देने वाला माना जा रहा है। मेष, मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, धनु और मीन राशि के जातकों के लिए करियर, आत्मविश्वास, आय, प्रतिस्पर्धा या भाग्य से जुड़े मामलों में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं।
वहीं वृषभ, कर्क, कन्या, मकर और कुंभ राशि के जातकों को अपने-अपने क्षेत्र में संतुलन और सावधानी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। खासतौर पर खर्च, स्वास्थ्य, वाणी और रिश्तों से जुड़े मामलों में जल्दबाजी से बचना लाभकारी रहेगा।
हालांकि ज्योतिष में किसी गोचर का वास्तविक प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली, लग्न, दशा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर भी निर्भर करता है। इसलिए केवल राशि के आधार पर बताए गए फल को सामान्य संकेत के रूप में देखना चाहिए।
सूर्य को मजबूत करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए ज्योतिषीय परंपरा में सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करना महत्वपूर्ण माना गया है। तांबे के पात्र से जल चढ़ाते समय सूर्य मंत्र का जाप किया जा सकता है।
रविवार के दिन जरूरतमंद व्यक्ति को गुड़, गेहूं या लाल वस्त्र का दान करना भी शुभ माना जाता है। पिता, गुरु और वरिष्ठ लोगों का सम्मान करना सूर्य से संबंधित सकारात्मक गुणों को मजबूत करने वाला आचरण माना गया है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ज्योतिषीय उपाय श्रद्धा और अपनी सामर्थ्य के अनुसार ही किए जाने चाहिए। किसी भी उपाय को निश्चित परिणाम की गारंटी के रूप में नहीं देखना चाहिए।
1-सूर्य देव 2026 में पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में कब प्रवेश करेंगे?
दिए गए ज्योतिषीय विवरण के अनुसार सूर्य देव 31 अगस्त 2026 को पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे।
2-पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी कौन हैं?
वैदिक ज्योतिष में पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का स्वामी शुक्र देव को माना जाता है।
3-सूर्य के पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में जाने से किस राशि को लाभ हो सकता है?
राशि आधारित सामान्य फल के अनुसार मेष, मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, धनु और मीन राशि के लिए कई क्षेत्रों में सकारात्मक संकेत बताए गए हैं। हालांकि व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार परिणाम अलग हो सकते हैं।
4-सूर्य को मजबूत करने के लिए क्या उपाय करें?
सुबह सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करना, सूर्य मंत्र का जाप करना, रविवार को दान करना और पिता या वरिष्ठ लोगों का सम्मान करना ज्योतिषीय परंपरा में शुभ माना जाता है।
5-क्या सूर्य गोचर का प्रभाव सभी लोगों पर एक जैसा होता है?
नहीं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार गोचर का प्रभाव व्यक्ति की राशि के साथ उसकी जन्मकुंडली, लग्न, दशा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर भी निर्भर करता है।

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