
ज्योतिष
13 सितंबर को बुध का हस्त नक्षत्र में प्रवेश : इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत
13 सितंबर 2026 को बुध ग्रह हस्त नक्षत्र में प्रवेश करेगा। इस गोचर से पांच राशियों को करियर, धन, व्यापार और सफलता के मामले में विशेष लाभ मिल सकता है।
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7 सितंबर 2026 को बुध कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस गोचर से भद्र राजयोग बनेगा, जिसका 4 राशियों को विशेष लाभ मिल सकता है।
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वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, तर्क, गणना, व्यापार और संचार का कारक माना जाता है। इसलिए बुध की चाल में होने वाला परिवर्तन शिक्षा, कारोबार, नौकरी और आर्थिक मामलों पर विशेष प्रभाव डालने वाला माना जाता है। सितंबर 2026 में बुध की स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है।
7 सितंबर 2026 को बुध ग्रह कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। कन्या बुध की स्वराशि होने के साथ-साथ उच्च राशि भी मानी जाती है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार जब बुध अपनी स्वराशि या उच्च राशि में केंद्र भाव में स्थित होते हैं, तब भद्र महापुरुष राजयोग बनता है। यह पंचमहापुरुष योगों में शामिल है और इसे बुद्धि, वाणी, व्यापार तथा कार्यक्षमता के लिए शुभ माना जाता है।
हालांकि किसी व्यक्ति की कुंडली में राजयोग का वास्तविक प्रभाव लग्न, ग्रहों की स्थिति और दशा आदि पर निर्भर करता है। राशि आधारित सामान्य भविष्यफल को इसी दृष्टि से देखना चाहिए। आइए जानते हैं किन चार राशियों के लिए यह समय खास रह सकता है।
ज्योतिष शास्त्र में भद्र राजयोग का संबंध बुध ग्रह की मजबूत स्थिति से माना जाता है। जब बुध मिथुन या कन्या राशि में रहकर कुंडली के केंद्र भावों में स्थित हों, तब यह योग बनने की ज्योतिषीय स्थिति बताई जाती है। बुध को बुद्धि और व्यापार का ग्रह माना जाता है, इसलिए इस योग को निर्णय लेने की क्षमता, वाक्पटुता, गणना, तर्क और व्यावसायिक सफलता से जोड़कर देखा जाता है।
बुध की मजबूत स्थिति से व्यक्ति के अंदर अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने, परिस्थितियों का विश्लेषण करने और सही रणनीति बनाने की क्षमता बढ़ने की मान्यता है। व्यापार, बैंकिंग, लेखन, शिक्षा, मीडिया, संचार और गणना से जुड़े क्षेत्रों के लोगों के लिए भी यह समय महत्वपूर्ण माना जाता है।
हालांकि केवल बुध के एक गोचर से सभी जातकों के जीवन में एक जैसा परिणाम नहीं आता। जन्मकुंडली में बुध की स्थिति और अन्य ग्रहों के प्रभाव को भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
1-मिथुन राशि
मिथुन राशि के स्वामी बुध ही हैं। कन्या राशि में बुध का गोचर आपके सुख-सुविधा, पारिवारिक जीवन और संपत्ति से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी समझ और रणनीति की प्रशंसा होने की संभावना है।
व्यापार करने वाले जातकों को नई डील या लाभदायक अवसर मिल सकते हैं। संपत्ति या वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है। परिवार में लंबे समय से चल रही किसी परेशानी को बातचीत के माध्यम से सुलझाने का अवसर मिल सकता है।
2-सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए बुध का यह गोचर धन और वाणी से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है। आय में वृद्धि के नए अवसर बन सकते हैं और अटका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना भी बन सकती है।
आपकी बातचीत का प्रभाव बढ़ सकता है। मार्केटिंग, मीडिया, सेल्स और संचार से जुड़े लोगों को इसका विशेष फायदा मिलने की ज्योतिषीय संभावना जताई जाती है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि से संबंधित अच्छी खबर मिल सकती है।
3-कन्या राशि
बुध आपकी राशि के स्वामी हैं और इसी राशि में उनका प्रवेश होने जा रहा है। ऐसे में यह गोचर आपके व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
आप किसी भी विषय को अधिक गहराई से समझकर निर्णय लेने में सक्षम हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी सलाह को महत्व मिल सकता है और मान-सम्मान बढ़ने के अवसर बन सकते हैं। व्यापार करने वाले जातकों के लिए साझेदारी से लाभ की संभावना है। दांपत्य जीवन में भी संवाद बेहतर होने से रिश्तों में मधुरता आ सकती है।
4-धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए बुध का गोचर कर्म और करियर से जुड़े क्षेत्र को प्रभावित करेगा। नौकरी में बदलाव की योजना बना रहे लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। वहीं कारोबारियों को नए ऑर्डर या व्यावसायिक विस्तार के मौके मिलने की संभावना है।
वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त हो सकता है और काम से जुड़े महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट समय पर पूरे करने में सफलता मिल सकती है। करियर में अपनी योग्यता साबित करने के लिए यह अवधि उपयोगी रह सकती है।
ज्योतिषीय परंपरा में बुध ग्रह को प्रसन्न करने के लिए बुधवार का दिन विशेष माना जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करके उन्हें दूर्वा और मोदक अर्पित करने की परंपरा है। मान्यता है कि गणेश जी की आराधना से बुद्धि और विवेक की प्राप्ति होती है।
जरूरतमंद व्यक्ति को हरी सब्जियां, हरे वस्त्र या हरी मूंग का दान भी बुध से जुड़े उपायों में बताया गया है। इसके अलावा ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करने की परंपरा है।
बुध से जुड़े उपाय करते समय अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। ज्योतिषीय उपायों को धार्मिक आस्था और परंपरा के रूप में ही देखना उचित है। किसी भी व्यक्ति के जीवन में वास्तविक परिणाम उसकी व्यक्तिगत कुंडली और परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकते हैं।
1-बुध ग्रह को ज्योतिष में किसका कारक माना जाता है?
वैदिक ज्योतिष में बुध को बुद्धि, तर्क, वाणी, गणना, संचार, व्यापार और विवेक का कारक ग्रह माना जाता है।
2-बुध कन्या राशि में कब प्रवेश करेंगे?
दिए गए ज्योतिषीय विवरण के अनुसार बुध ग्रह 7 सितंबर 2026 को कन्या राशि में प्रवेश करेंगे।
3-भद्र राजयोग कैसे बनता है?
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार जब बुध अपनी स्वराशि मिथुन या कन्या में स्थित होकर कुंडली के केंद्र भाव में हों, तब भद्र महापुरुष राजयोग बनने की स्थिति मानी जाती है।
4-बुध गोचर से किन राशियों को विशेष लाभ मिल सकता है?
दिए गए राशि आधारित फल के अनुसार मिथुन, सिंह, कन्या और धनु राशि के जातकों के लिए यह गोचर विशेष रूप से शुभ रह सकता है।
5-बुध ग्रह को मजबूत करने के लिए क्या उपाय किए जाते हैं?
बुधवार को भगवान गणेश की पूजा, दूर्वा और मोदक अर्पित करना, हरी वस्तुओं का दान तथा ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ मंत्र का जाप ज्योतिषीय परंपरा में शुभ माना जाता है।

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