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अपनी पुत्री पर काम मोहित क्यों हुए ब्रह्मा ? ब्राह्मी का नाम शतरूपा कैसे पड़ा ? जाने ये रहस्य

ब्रह्मा जी अपनी पुत्री ब्राह्मी पर क्यों मोहित हुए? जानिए नारद के शाप से जुड़ी यह कथा, ब्राह्मी ने सौ रूप क्यों धारण किए और उनका नाम शतरूपा कैसे पड़ा।

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Brahmi Shatarupa Katha

इस सृष्टि की रचना करने वाले ब्रह्मा जी ने आदि शक्ति से प्रजनन शक्ति प्राप्त करके मनु और ब्राह्मी को पैदा किया। वो इस ब्रह्माण्ड का पहला युगल था। लेकिन नारद का शाप भी बेहद शक्तिशाली था। जब ब्रह्मा ने ब्राह्मी को देखा तो उन्हें उसे पाने की इच्छा हो गई। ब्रह्मा जी अपनी वासना काबू नहीं कर पा रहे थे। उन्ही की देह से उत्पन्न हुई ब्राह्मी को पाने के लिए ब्रह्मा की देह लालायित हो उठी थी।

अपने ही जनक की आंखों में वासना देखकर ब्राह्मी घबरा गई और दाई और गई। उसी समय ब्रह्मा का एक सिर दाई और आ गया। फिर बाईं और गई तो वहां भी आ गया। वो पीछे गई तो एक सिर पीछे भी आ गया। जब वो आकाश की ओर गई तो आकाश की ओर भी ब्रह्मा का एक सिर आ गया। आगे पीछे दाएं बांए और ऊपर, इस प्रकार ब्रह्मा ने वासना के वशीभूत होकर अपने पांच सिर पैदा कर दिए।

अपनी बहन को इस प्रकार पीड़ा में देखकर मरीचि और अत्रि ऋषि ब्रह्मा जी को समझाने आए। उन्होंने ब्रह्मा जी से कहा कि आप अपने और ब्राह्मी के रिश्ते को कलंकित मत करिए लेकिन नारद के शाप के कारण ब्रह्मा को कुछ सूझ ही नहीं रहा था। वो ब्राह्मी को पाने के लिए तड़प उठे थे। अपने ही पिता से घबराकर अब ब्राह्मी भागने लगी और अपने रूप बदलने लगी।

जब वह गाय बनी तो ब्रह्मा बैल बन गए, अगर वो हिरणी बनी तो ब्रह्मा हिरण बन गए। वह एक एक करके सभी जीव में खुद को बदलने लगी और ब्रह्मा जी भी उसी जीव के नर रूप के समकक्ष खुद को बनाने लगे। इस प्रकार उन्होंने नर और नारी के युग्म को कलंकित कर दिया। हवा, ज़मीन, समुद्र ऐसा कोई स्थान नहीं था जहां ब्राह्मी ने ब्रह्मा से बचने के लिए कोशिश नहीं की थी।

चूंकि ब्राह्मी ने अपने ही पिता ब्रह्मा की काम वासना से खुद को बचाने के लिए सौ प्रकार के रूप धारण किए थे इसलिए ब्राह्मी का नाम शतरूपा हुआ। इसी प्रकार इस पृथ्वी पर अनेक प्रकार के जीव जंतु अस्तित्व में आए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1-ब्रह्मा जी ब्राह्मी पर क्यों मोहित हुए?

पौराणिक कथाओं के अनुसार नारद जी के पूर्व शाप के प्रभाव से ब्रह्मा जी अपनी ही पुत्री ब्राह्मी को देखकर कामभावना से विचलित हो गए थे।

2-ब्राह्मी ने ब्रह्मा जी से बचने के लिए क्या किया?

पौराणिक कथाओं की माने तो ब्राह्मी ने ब्रह्मा जी से बचने के लिए अलग-अलग दिशाओं में जाने के साथ अपने रूप भी बदलने शुरू किए। वह जिस जीव का रूप धारण करतीं, ब्रह्मा उसी के नर रूप में बदल जाते।

3-ब्रह्मा जी के कितने सिर बताए गए हैं?

पौराणिक कथाओं के अनुसार ब्राह्मी के अलग-अलग दिशाओं में जाने पर ब्रह्मा जी के चारों दिशाओं और ऊपर की ओर कुल पांच सिर प्रकट हुए।

4-ब्राह्मी का नाम शतरूपा कैसे पड़ा?

पौराणिक कथाओं के अनुसार ब्राह्मी ने स्वयं को बचाने के लिए सौ प्रकार के रूप धारण किए। इसी कारण उनका नाम ‘शतरूपा’ पड़ा।

5-ब्राह्मी और ब्रह्मा की कथा से जीव-जंतुओं की उत्पत्ति कैसे जुड़ी है?

ब्राह्मी ने गाय, हिरणी आदि अनेक जीवों के रूप धारण किए और ब्रह्मा ने उनके नर रूप धारण किए। इसी क्रम को पृथ्वी पर विभिन्न जीव-जंतुओं के अस्तित्व में आने से जोड़ा गया है।

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