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भगवान् शिव किसका कपाल हाथ में लिए घूमते रहे? वह कपाल कहां गिरा ? रहस्य जानकार उड़ जाएंगे होश

भगवान शिव ने ब्रह्मा जी का पांचवां सिर क्यों काटा और उसे हाथ में लेकर क्यों घूमते रहे? जानिए कपाल के गिरने, शिव के कपाली नाम और काशी से जुड़ी पौराणिक कथा।

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Shiva Kapali Katha

जब ब्रह्मा जी नारद के शाप के वशीभूत हुए तो वो भूल गए कि वो अपनी ही पुत्री को पाने के लिए काम वासना के जाल में फंस चुके है। जब शिव ने यह सब देखा तो उन्होंने क्रोध में आकर एक ही झटके में ब्रह्मा जी का वह सिर काट दिया जो ऊपर की ओर निकला हुआ था और ब्रह्मा को उनके इस काम के लिए फटकार लगाई। उन्होंने ब्रह्मा से कहा कि आज के बाद आपके ये चार सिर सदैव वेद का पाठ करते रहेंगे ताकि आपकी इस भूल का प्रायश्चित हो सके।

उसी समय अचानक से शिव बोलते बोलते रुक गए। उन्होंने देखा कि उनके बाएं हाथ में कुछ चिपक गया था। उन्होंने देखा तो वो ब्रह्मा का वही सिर था जो उन्होंने काट दिया था। ब्रह्मा जी का सिर काटना ब्रह्म हत्या के समान ही था और संसार के नियम तो सबके लिए एक समान ही होते है। शतरूपा ने शिव के इस कृत्य को सही ठहराया तो अत्रि ऋषि ने उन्हें समझाया कि हर क्रिया की एक प्रतिक्रिया होती है।

तुम्हारे साथ ब्रह्मा जी ने शाप के वश में आकर जो किया उन्होंने उसका परिणाम भुगता और अब शिव ने जो किया है उन्हें उसका परिणाम भी प्राप्त होकर रहेगा। ब्रह्माण्ड के नियम सबके ऊपर समान रूप से लागू होते है और कोई भी इसके ऊपर नहीं है। उधर भगवान् शिव पूरे ब्रह्माण्ड में घूमते रहे लेकिन उन्हें कोई उपाय नहीं मिला।

एक समय के बाद उस कटे हुए सिर से मांस नीचे गिरने लगा। धीरे धीरे सारा मांस सड़कर नीचे गिर गया और शिव के हाथ में बस ब्रह्मा का कपाल रह गया। इसलिए शिव का एक नाम कपाली भी पड़ा। एक समय के बाद शिव पृथ्वी पर आए और अचानक वह कपाल उनके हाथ से नीचे गिर गया और इस प्रकार शिव का शुद्धिकरण हुआ।

शिव को अहसास हुआ कि यह भूमि मोक्ष देने वाली है और जो भी यहां आएगा वह पाप से मुक्त हो जाएगा। तबसे उस भूमि को काशी/ वाराणसी कहा जाने लगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1-भगवान शिव ने ब्रह्मा जी का सिर क्यों काटा था?

ब्रह्मा जी अपनी पुत्री ब्राह्मी के प्रति कामभावना से मोहित हो गए थे। यह देखकर भगवान शिव ने क्रोधित होकर उनका ऊपर की ओर निकला हुआ पांचवां सिर काट दिया।

2-भगवान शिव के हाथ में ब्रह्मा जी का कपाल क्यों चिपक गया था?

ब्रह्मा जी का सिर काटना ब्रह्महत्या के समान माना गया। इसी कारण कटा हुआ सिर शिव जी के हाथ से चिपक गया और उनके लिए प्रायश्चित का कारण बना।

3-भगवान शिव को ‘कपाली’ नाम क्यों मिला?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब ब्रह्मा जी के कटे हुए सिर का मांस धीरे-धीरे गलकर गिर गया और केवल कपाल शिव जी के हाथ में रह गया, तब उन्हें ‘कपाली’ नाम से जाना गया।

4-ब्रह्मा जी का कपाल भगवान शिव के हाथ से कहां गिरा?

पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान शिव जब पृथ्वी पर आए, तब एक स्थान पर ब्रह्मा जी का कपाल उनके हाथ से नीचे गिर गया और उनका शुद्धिकरण हुआ।

5-काशी को मोक्षदायिनी भूमि क्यों माना गया?

काशी में कपाल गिरने के बाद भगवान शिव को अनुभव हुआ कि यह भूमि मोक्ष प्रदान करने वाली है और यहां आने वाला व्यक्ति पापों से मुक्त हो सकता है। इसी स्थान को आगे चलकर काशी या वाराणसी कहा गया।

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