|| ज्ञान का महासागर ||

श्रीकृष्ण कर्मयोग और संन्यास के बीच का अंतर तथा उनके महत्व को समझाते हैं।

श्रीकृष्ण बताते हैं कि कर्म का त्याग करने से श्रेष्ठ है कर्म करते हुए आसक्ति छोड़ना। निष्काम कर्म से मनुष्य शांति, ज्ञान और मुक्ति प्राप्त कर सकता है।

अध्याय 5 — कर्म संन्यास योग

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