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20 जून 2026

निर्जला एकादशी

वर्ष की सबसे कठिन एकादशी — जल और अन्न दोनों का पूर्ण उपवास।

निर्जला एकादशी

निर्जला एकादशी वर्ष की सबसे कठिन और पुण्यमयी एकादशी मानी जाती है — इस दिन जल के साथ-साथ सभी grain और नमक का त्याग होता है।

व्रत विधि

दशमी से ही सात्विक भोजन लें; एकादशी को पूरा उपवास रखें; द्वादशी पर पारण शास्त्रानुसार करें। भक्ति और श्रद्धा सर्वोपरि हैं।

धार्मिक महत्व

इस व्रत से पाप क्षय, मन की शुद्धि और भगवान विष्णु की कृपा की मान्यता है। महाभारत में भी भीष्म ने इसका महत्व बताया है।

सावधानी

जिनको स्वास्थ्य समस्या हो, वे चिकित्सक की सलाह लें। व्रत का उद्देश्य शरीर को नुकसान नहीं, आत्म-अनुशासन है।

निर्जला एकादशी