

वृंदावन भजन
बृषराज बृज बिहारी
बृज के बिहारी की महिमा — भक्ति रस से भरपूर भजन।
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भजन
बृषराज बृज बिहारी, जय जय नंदकिशोर मुरारी।
गोपों संग खेल रचावे, राधा संग रास सजावे। यमुना तट मुरली बजती, भक्ति सुधा हृदय में बसती।
बृषराज बृज बिहारी, जय जय नंदकिशोर मुरारी।
दीन जनों के तुम रखवाले, भक्तों के संकट हरने वाले। करुणा दृष्टि जब पड़ जाती, जीवन नैया पार लगाती।
बृषराज बृज बिहारी, जय जय नंदकिशोर मुरारी।
भावार्थ
श्रीकृष्ण भक्तों के रक्षक और प्रेम, करुणा तथा आनंद के स्रोत हैं।


