इस स्कंध में प्रह्लाद की अटूट भक्ति और हिरण्यकशिपु के अंत की कथा है।
सप्तम स्कंध में प्रह्लाद की भगवान विष्णु के प्रति अडिग भक्ति, हिरण्यकशिपु का अत्याचार और नरसिंह अवतार द्वारा उसके वध का वर्णन है।

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सप्तम स्कंध में प्रह्लाद की भगवान विष्णु के प्रति अडिग भक्ति, हिरण्यकशिपु का अत्याचार और नरसिंह अवतार द्वारा उसके वध का वर्णन है।

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