इस स्कंध में विदुर और मैत्रेय संवाद में सृष्टि, वराह अवतार और कपिलदेव की कथा आती है।
तृतीय स्कंध में सृष्टि की उत्पत्ति, वराह अवतार, हिरण्याक्ष वध और देवहूति-कपिल संवाद का वर्णन है। कपिलदेव सांख्य ज्ञान और भक्ति का मार्ग समझाते हैं।

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